गबन - Gaban



दारोग़ा -'यह आपको कैसे मालूम हुआ?'

रमानाथ-'ज़ोहरा कहीं सुन आई है।'

दारोग़ा -'बडी बेवफा औरत है। ऐसी औरत का तो सिर काट लेना चाहिए।'

रमानाथ-'इसीलिए तो जा रहा हूं। या तो इसी वक्त उसे स्टेशन पर भेजकर आऊंगा, या इस बुरी तरह पेश आऊंगा कि वह भी याद करेगी। ज्यादा बातचीत का मौका नहीं है। रात-भर के लिए मुझे इस कैद से आज़ाद कर दीजिए। '

दारोग़ा -'मैं भी चलता हूं, ज़रा ठहर जाइए।'

रमानाथ-'जी नहीं, बिलकुल मामला बिगड़ जाएगा। मैं अभी आता हूं।'


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दारोग़ा -'यह आपको कैसे मालूम हुआ?'

रमानाथ-'ज़ोहरा कहीं सुन आई है।'

दारोग़ा -'बडी बेवफा औरत है। ऐसी औरत का तो सिर काट लेना चाहिए।'

रमानाथ-'इसीलिए तो जा रहा हूं। या तो इसी वक्त उसे स्टेशन पर भेजकर आऊंगा, या इस बुरी तरह पेश आऊंगा कि वह भी याद करेगी। ज्यादा बातचीत का मौका नहीं है। रात-भर के लिए मुझे इस कैद से आज़ाद कर दीजिए। '

दारोग़ा -'मैं भी चलता हूं, ज़रा ठहर जाइए।'

रमानाथ-'जी नहीं, बिलकुल मामला बिगड़ जाएगा। मैं अभी आता हूं।'


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