आख़िर एक दिन उसने इन चीज़ों को जमा किया,मखमली स्लीपर,रेशमी मोज़े, तरह-तरह की बेलें, गीते, पिन, कंघियां, आईने, कोई कहां तक गिनाए। अच्छा-खासा एक ढेर हो गया। वह इस ढेर को गंगा में डुबा देगी, और अब से एक नये जीवन का साूपात करेगी। इन्हीं वस्तुओं के पीछे, आज उसकी यह गति हो रही है। आज वह इस मायाजाल को नष्ट कर डालेगी। उनमें कितनी ही चीजें तो ऐसी सुंदर थीं कि उन्हें ट्ठंकते मोह आता था,मगर ग्लानि की उस प्रचंड ज्वाला को पानी
आख़िर एक दिन उसने इन चीज़ों को जमा किया,मखमली स्लीपर,रेशमी मोज़े, तरह-तरह की बेलें, गीते, पिन, कंघियां, आईने, कोई कहां तक गिनाए। अच्छा-खासा एक ढेर हो गया। वह इस ढेर को गंगा में डुबा देगी, और अब से एक नये जीवन का साूपात करेगी। इन्हीं वस्तुओं के पीछे, आज उसकी यह गति हो रही है। आज वह इस मायाजाल को नष्ट कर डालेगी। उनमें कितनी ही चीजें तो ऐसी सुंदर थीं कि उन्हें ट्ठंकते मोह आता था,मगर ग्लानि की उस प्रचंड ज्वाला को पानी