इतने महंगे कपड़े क्यों लाए, दादा? और सस्ते न थे?'
'सस्ते थे, मुदा विलायती थे।'
'तुम विलायती कपड़े नहीं पहनते?'
'इधर बीस साल से तो नहीं लिए, उधर की बात नहीं कहता। कुछ बेसी दाम लग जाता है, पर रूपया तो देस ही में रह जाता है।'
रमा ने लजाते हुए कहा, 'तुम नियम के बडे पक्के हो दादा! '
देवीदीन की मुद्रा सहसा तेजवान हो गई। उसकी बुझी हुई आंखें चमक उठीं। देह की नसें तन गई। अकड़कर बोला,जिस देस में रहते हैं, जिसका अन्न-जल खाते हैं,
इतने महंगे कपड़े क्यों लाए, दादा? और सस्ते न थे?'
'सस्ते थे, मुदा विलायती थे।'
'तुम विलायती कपड़े नहीं पहनते?'
'इधर बीस साल से तो नहीं लिए, उधर की बात नहीं कहता। कुछ बेसी दाम लग जाता है, पर रूपया तो देस ही में रह जाता है।'
रमा ने लजाते हुए कहा, 'तुम नियम के बडे पक्के हो दादा! '
देवीदीन की मुद्रा सहसा तेजवान हो गई। उसकी बुझी हुई आंखें चमक उठीं। देह की नसें तन गई। अकड़कर बोला,जिस देस में रहते हैं, जिसका अन्न-जल खाते हैं,