यह नक्शा पहले भी कहीं देखा है। सोचने लगा, कहां देखा है?
एक युवक ने चुटकी ली, 'आपने तो हल कर लिया होगा!'
दूसरा, 'अभी नहीं किया तो एक क्षण में किए लेते हैं!'
तीसरा, 'ज़रा दो-एक चाल बताइए तो?'
रमा ने उत्तेजित होकर कहा,यह मैं नहीं कहता कि मैं उसे हल कर ही लूंगा, मगर ऐसा नक्शा मैंने एक बार हल किया है, और संभव है, इसे भी हल कर लूं। ज़रा काग़ज़-पेंसिल दीजिए तो नकल कर लूं।'
युवकों का अविश्वास कुछ कम हुआ। रमा को काग़ज़-पेंसिल
यह नक्शा पहले भी कहीं देखा है। सोचने लगा, कहां देखा है?
एक युवक ने चुटकी ली, 'आपने तो हल कर लिया होगा!'
दूसरा, 'अभी नहीं किया तो एक क्षण में किए लेते हैं!'
तीसरा, 'ज़रा दो-एक चाल बताइए तो?'
रमा ने उत्तेजित होकर कहा,यह मैं नहीं कहता कि मैं उसे हल कर ही लूंगा, मगर ऐसा नक्शा मैंने एक बार हल किया है, और संभव है, इसे भी हल कर लूं। ज़रा काग़ज़-पेंसिल दीजिए तो नकल कर लूं।'
युवकों का अविश्वास कुछ कम हुआ। रमा को काग़ज़-पेंसिल