उन्होंने दोनों हाथ जोड़ लिए और उसकी ओर दीन याचना की आंखों से देखा। कुछ कहना चाहते थे, पर मुंह से आवाज़ न निकली।
रतन ने चीखकर कहा, 'टीमल, महराज, क्या दोनों मर गए?'
महराज ने आकर कहा, 'मैं सोया थोड़े ही था बहूजी, क्या बाबूजी?'
रतन ने डांटकर कहा, 'बको मत, जाकर कविराज को बुला लाओ, कहना अभी चलिए।'
महराज ने तुरंत अपना पुराना ओवरकोट पहना, सोटा उठाया और चल दिया। रतन उठकर स्टोव जलाने लगी कि शायद सेंक से कुछ फायदा हो उसकी सारी घबराहट,
उन्होंने दोनों हाथ जोड़ लिए और उसकी ओर दीन याचना की आंखों से देखा। कुछ कहना चाहते थे, पर मुंह से आवाज़ न निकली।
रतन ने चीखकर कहा, 'टीमल, महराज, क्या दोनों मर गए?'
महराज ने आकर कहा, 'मैं सोया थोड़े ही था बहूजी, क्या बाबूजी?'
रतन ने डांटकर कहा, 'बको मत, जाकर कविराज को बुला लाओ, कहना अभी चलिए।'
महराज ने तुरंत अपना पुराना ओवरकोट पहना, सोटा उठाया और चल दिया। रतन उठकर स्टोव जलाने लगी कि शायद सेंक से कुछ फायदा हो उसकी सारी घबराहट,