देवीदीन ने मन में हिसाब लगाकर कहा, 'चार महीने से कुछ बेशी हुए होंगे। मुझे प्रयाग में मिल गए थे। रहने वाले भी वहीं के हैं। मेरे साथ ही तो आए थे।'
मुसलमान सिपाही ने मन में प्रसन्न होकर कहा, 'इनका नाम क्या है?'
देवीदीन ने सिटपिटाकर कहा, 'नाम इन्होंने बताया न होगा? '
सिपाहियों का संदेह दृढ़ हो गया। पांडे ने आंखें निकालकर कहा, 'जान परत है तुमहू मिले हौ, नांव काहे नाहीं बतावत हो इनका? '
देवीदीन ने आधारहीन साहस के भाव से कहा,
देवीदीन ने मन में हिसाब लगाकर कहा, 'चार महीने से कुछ बेशी हुए होंगे। मुझे प्रयाग में मिल गए थे। रहने वाले भी वहीं के हैं। मेरे साथ ही तो आए थे।'
मुसलमान सिपाही ने मन में प्रसन्न होकर कहा, 'इनका नाम क्या है?'
देवीदीन ने सिटपिटाकर कहा, 'नाम इन्होंने बताया न होगा? '
सिपाहियों का संदेह दृढ़ हो गया। पांडे ने आंखें निकालकर कहा, 'जान परत है तुमहू मिले हौ, नांव काहे नाहीं बतावत हो इनका? '
देवीदीन ने आधारहीन साहस के भाव से कहा,