तीसरे सिपाही ने दर्शकों को संबोधित करके कहा, 'नांव है रमानाथ, बतावत है हीरालाल? सबूत हुय गवा।' दर्शकों में कानाफसी होने लगी। शुबहे की बात तो है।
'साफ है, नाम और पता दोनों ग़लत बता दिया।'
एक मारवाड़ी सज्जन बोले, 'उचक्को सो है।'
एक मौलवी साहब ने कहा, 'कोई इश्तिहारी मुलज़िम है।'
जनता को अपने साथ देखकर सिपाहियों को और भी ज़ोर हो गया। रमा को भी अब उनके साथ चुपचाप चले जाने ही में अपनी कुशल दिखाई दी। इस तरह सिर झुका लिया,
तीसरे सिपाही ने दर्शकों को संबोधित करके कहा, 'नांव है रमानाथ, बतावत है हीरालाल? सबूत हुय गवा।' दर्शकों में कानाफसी होने लगी। शुबहे की बात तो है।
'साफ है, नाम और पता दोनों ग़लत बता दिया।'
एक मारवाड़ी सज्जन बोले, 'उचक्को सो है।'
एक मौलवी साहब ने कहा, 'कोई इश्तिहारी मुलज़िम है।'
जनता को अपने साथ देखकर सिपाहियों को और भी ज़ोर हो गया। रमा को भी अब उनके साथ चुपचाप चले जाने ही में अपनी कुशल दिखाई दी। इस तरह सिर झुका लिया,