कोई न कोई जरूर उसकी तलाश में आवेगा। किसी को न आने दें। तहरीर में कोई बात न लाई जाए। ज़बानी इत्मीनान दिला दिया जाय। कह दिया जाय, कमिश्नर साहब को मुआफीनामा के लिए रिपोर्ट की गई है। इंस्पेक्टर साहब से भी राय ले ली जाय। इधर तो यह लोग सुपरिंटेंडेंट से परामर्श कर रहे थे, उधर एक घंटे में देवीदीन लौटकर थाने आया तो कांस्टेबल ने कहा, 'दारोग़ाजी तो साहब के पास गए।'
देवीदीन ने घबडाकर कहा, 'तो बाबूजी को हिरासत में डाल दिया?'
कांस्टेबल, 'नहीं, उन्हें भी साथ ले गये।'
कोई न कोई जरूर उसकी तलाश में आवेगा। किसी को न आने दें। तहरीर में कोई बात न लाई जाए। ज़बानी इत्मीनान दिला दिया जाय। कह दिया जाय, कमिश्नर साहब को मुआफीनामा के लिए रिपोर्ट की गई है। इंस्पेक्टर साहब से भी राय ले ली जाय। इधर तो यह लोग सुपरिंटेंडेंट से परामर्श कर रहे थे, उधर एक घंटे में देवीदीन लौटकर थाने आया तो कांस्टेबल ने कहा, 'दारोग़ाजी तो साहब के पास गए।'
देवीदीन ने घबडाकर कहा, 'तो बाबूजी को हिरासत में डाल दिया?'
कांस्टेबल, 'नहीं, उन्हें भी साथ ले गये।'