गबन - Gaban



जालपा ने मुस्कराकर कहा, 'और दिन?भर उनके पास बैठा कौन रहेगा।'

रतन-'मैं थोड़ी देर बैठी भी रहा करूंगी, मगर तुम आज ही जाओ। बेचारे वहां न जाने किस दशा में होंगे। तो यही तय रही न? '

रतन मुंशीजी के कमरे में गई, तो रमेश बाबू उठकर खड़े हो गए और बोले, 'आइए देवीजी, रमा बाबू का पता चल गया! '

रतन-'इसमें आधा श्रेय मेरा है।'

रमेश-'आपकी सलाह से तो हुआ ही होगा। अब उन्हें यहां लाने की फिक्र करनी है।'

रतन-'जालपा चली जाएं और पकड़ लाएं। गोपी को साथ लेती जावें,


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जालपा ने मुस्कराकर कहा, 'और दिन?भर उनके पास बैठा कौन रहेगा।'

रतन-'मैं थोड़ी देर बैठी भी रहा करूंगी, मगर तुम आज ही जाओ। बेचारे वहां न जाने किस दशा में होंगे। तो यही तय रही न? '

रतन मुंशीजी के कमरे में गई, तो रमेश बाबू उठकर खड़े हो गए और बोले, 'आइए देवीजी, रमा बाबू का पता चल गया! '

रतन-'इसमें आधा श्रेय मेरा है।'

रमेश-'आपकी सलाह से तो हुआ ही होगा। अब उन्हें यहां लाने की फिक्र करनी है।'

रतन-'जालपा चली जाएं और पकड़ लाएं। गोपी को साथ लेती जावें,


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