देवीदीन-'कोई बुराई न थी। मैंने तो ऐसा लड़का ही नहीं देखा। उसी धोखे में आ गए।'
जालपा ने एक मिनट सोचने के बाद कहा, 'क्या उनका बयान हो गया?'
'हां, तीन दिन बराबर होता रहा। आज खतम हो गया।'
जालपा ने उद्विग्न होकर कहा, 'तो अब कुछ नहीं हो सकता? मैं उनसे मिल सकती हूं?'
देवीदीन जालपा के इस प्रश्न पर मुस्करा पड़ा। बोला, 'हां, और क्या, जिसमें जाकर भंडागोड़ कर दो, सारा खेल बिगाड़ दो! पुलिस ऐसी गधी नहीं है। आजकल कोई भी उनसे नहीं मिलने पाता। कडा पहरा रहता है।'
देवीदीन-'कोई बुराई न थी। मैंने तो ऐसा लड़का ही नहीं देखा। उसी धोखे में आ गए।'
जालपा ने एक मिनट सोचने के बाद कहा, 'क्या उनका बयान हो गया?'
'हां, तीन दिन बराबर होता रहा। आज खतम हो गया।'
जालपा ने उद्विग्न होकर कहा, 'तो अब कुछ नहीं हो सकता? मैं उनसे मिल सकती हूं?'
देवीदीन जालपा के इस प्रश्न पर मुस्करा पड़ा। बोला, 'हां, और क्या, जिसमें जाकर भंडागोड़ कर दो, सारा खेल बिगाड़ दो! पुलिस ऐसी गधी नहीं है। आजकल कोई भी उनसे नहीं मिलने पाता। कडा पहरा रहता है।'