'भैया को तो हम अपना ही समझते थे। और हमारे कौन बैठा हुआ है।'जग्गो ने गर्व से कहा, 'वह तो मेरे हाथ का बनाया खा लेते थे।'
जालपा ने मुस्कराकर कहा, 'अब तुम्हें भोजन न बनाना पड़ेगा, मांजी, मैं बना दिया करूंगी।'
जग्गो ने आपत्ति की, 'हमारी बिरादरी में दूसरों के हाथ का खाना मना है, बहू, अब चार दिन के लिए बिरादरी में नक्य क्या बनूं!'
जालपा-'हमारी बिरादरी में भी तो दूसरों का खाना मना है।'
जग्गो-'यहां तुम्हें कौन देखने
'भैया को तो हम अपना ही समझते थे। और हमारे कौन बैठा हुआ है।'जग्गो ने गर्व से कहा, 'वह तो मेरे हाथ का बनाया खा लेते थे।'
जालपा ने मुस्कराकर कहा, 'अब तुम्हें भोजन न बनाना पड़ेगा, मांजी, मैं बना दिया करूंगी।'
जग्गो ने आपत्ति की, 'हमारी बिरादरी में दूसरों के हाथ का खाना मना है, बहू, अब चार दिन के लिए बिरादरी में नक्य क्या बनूं!'
जालपा-'हमारी बिरादरी में भी तो दूसरों का खाना मना है।'
जग्गो-'यहां तुम्हें कौन देखने