अलंकार - Alankar

न होने देगा। मजाल है कि यह पादरी हमारे नगर की शोभा को भगा ले जाये ! गर्दन तोड़ देंगे। पूछो, धमार्श्रम में ऐसी रमणियों की क्या जरूरत ? क्या संसार में विपत्ति की मारी बुयिों की कमी है ? क्या उनके आंसुओं से इन पादरियों को सन्टोष नहीं होता कि युवतियों को भी रोने के लिए मजबूर किया जाये!

युवक का नाम सिरोन था। वह धक्का खाकर गिरा, किन्तु तुरन्त गर्द झाड़कर उठ खड़ा हुआ। उसका मुंह राख से काला हो गया था, बाल झुलस गये थे, त्र्कोध


441 of 707

न होने देगा। मजाल है कि यह पादरी हमारे नगर की शोभा को भगा ले जाये ! गर्दन तोड़ देंगे। पूछो, धमार्श्रम में ऐसी रमणियों की क्या जरूरत ? क्या संसार में विपत्ति की मारी बुयिों की कमी है ? क्या उनके आंसुओं से इन पादरियों को सन्टोष नहीं होता कि युवतियों को भी रोने के लिए मजबूर किया जाये!

युवक का नाम सिरोन था। वह धक्का खाकर गिरा, किन्तु तुरन्त गर्द झाड़कर उठ खड़ा हुआ। उसका मुंह राख से काला हो गया था, बाल झुलस गये थे, त्र्कोध


441 of 707