अलंकार - Alankar

इस कपोत को ईश्वरीय बीज के चंगुल से छुड़ाने की चेष्टा मत करो, तुम आज जिस आग में जल रहे हो, उसमें जलने के लिए उसे विवश मत करो बल्कि उसकी रीस करो और उसी की भांति अपने खोटे को भी खरा कंचन बना दो। उसका अनुकरण करो, उसके दिखाये हुए मार्ग पर अगरसर हो, और उस ममता को त्याग दो जो तुम्हें बांधे हुए है और जिसे तुम समझते हो कि हमारी है। विलंब न करो, हिसादा का दिन निकट है और ईश्वर की ओर से वजराघात होने वाला ही है। अपने पापों पर पछताओ,


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इस कपोत को ईश्वरीय बीज के चंगुल से छुड़ाने की चेष्टा मत करो, तुम आज जिस आग में जल रहे हो, उसमें जलने के लिए उसे विवश मत करो बल्कि उसकी रीस करो और उसी की भांति अपने खोटे को भी खरा कंचन बना दो। उसका अनुकरण करो, उसके दिखाये हुए मार्ग पर अगरसर हो, और उस ममता को त्याग दो जो तुम्हें बांधे हुए है और जिसे तुम समझते हो कि हमारी है। विलंब न करो, हिसादा का दिन निकट है और ईश्वर की ओर से वजराघात होने वाला ही है। अपने पापों पर पछताओ,


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