अलंकार - Alankar



निसियास ने मुस्कराते हुए कहा-'और पिरये, मुझे तो सम्पूर्ण सत्यों का ज्ञान पराप्त है। वह केवल एक ही सत्य का ज्ञाता है, मैं सभी सत्यों का ज्ञाता हूं। इस दृष्टि से तो मेरा पद उसके पद से कहीं ऊंचा है, लेकिन सच पूछो तो इससे न कुछ गौरव पराप्त होता है, न कुछ आनन्द।'

तब यह देखकर कि पापनाशी मेरी ओर तापमय नेत्रों से ताक रहा है, उसने सम्बोधित करके कहा-'पिरय मित्र पापनाशी, यह मत सोचो कि मैं तुम्हें निरा बुद्घू, पाखण्डी या अन्धविश्वासी


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निसियास ने मुस्कराते हुए कहा-'और पिरये, मुझे तो सम्पूर्ण सत्यों का ज्ञान पराप्त है। वह केवल एक ही सत्य का ज्ञाता है, मैं सभी सत्यों का ज्ञाता हूं। इस दृष्टि से तो मेरा पद उसके पद से कहीं ऊंचा है, लेकिन सच पूछो तो इससे न कुछ गौरव पराप्त होता है, न कुछ आनन्द।'

तब यह देखकर कि पापनाशी मेरी ओर तापमय नेत्रों से ताक रहा है, उसने सम्बोधित करके कहा-'पिरय मित्र पापनाशी, यह मत सोचो कि मैं तुम्हें निरा बुद्घू, पाखण्डी या अन्धविश्वासी


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