अलंकार - Alankar

विलास में किया है। सभी बातों का विचार करके मैं कह सकता हूं कि तुम्हारे ऊपर लोगों को हसद होता था क्योंकि यदि पापनाशी ने और मैंने अपने समस्त जीवन में एक ही एक परकार के आनन्दों का आस्वादन किया है जो बिरले ही किसी मनुष्य को पराप्त हो सकते हैं। मेरी हार्दिक अभिलाषा है कि एक घण्टे के लिए मैं बन्धु पापनाशी की तरह सन्त हो जाता। लेकिन यह सम्भव नहीं। इसलिए तुमको भी विदा करता हूं, जाओ जहां परकृति की गुप्त शक्तियां और तुम्हारा भाग्य तुम्हें ले जाय ! जाओ जहां तुम्हारी इच्छा हो,


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विलास में किया है। सभी बातों का विचार करके मैं कह सकता हूं कि तुम्हारे ऊपर लोगों को हसद होता था क्योंकि यदि पापनाशी ने और मैंने अपने समस्त जीवन में एक ही एक परकार के आनन्दों का आस्वादन किया है जो बिरले ही किसी मनुष्य को पराप्त हो सकते हैं। मेरी हार्दिक अभिलाषा है कि एक घण्टे के लिए मैं बन्धु पापनाशी की तरह सन्त हो जाता। लेकिन यह सम्भव नहीं। इसलिए तुमको भी विदा करता हूं, जाओ जहां परकृति की गुप्त शक्तियां और तुम्हारा भाग्य तुम्हें ले जाय ! जाओ जहां तुम्हारी इच्छा हो,


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