नहीं कि काल या समय कोई चीज नहीं। वह हमारी बुद्धि की भरांतिमात्र है, धोखा है। तो जब इसकी सत्ता ही नहीं तो वह मेरी मृत्यु को कैसे ला सकता है। क्या इसका यह आशय है कि अनन्तकाल तक मैं जीवित रहूंगा ? क्या मैं भी देवताओं की भांति अमर हूं ? नहीं, कदापि नहीं। लेकिन इससे यह अवश्य सिद्धि होता है कि वह इस समय है, सदैव से है, और सदैव रहेगा। यद्यपि मैं अभी इसका अनुभव नहीं कर रहा हूं, पर यह मुझमें विद्यमान है और मुझे उससे शंका न करनी चाहिए,
नहीं कि काल या समय कोई चीज नहीं। वह हमारी बुद्धि की भरांतिमात्र है, धोखा है। तो जब इसकी सत्ता ही नहीं तो वह मेरी मृत्यु को कैसे ला सकता है। क्या इसका यह आशय है कि अनन्तकाल तक मैं जीवित रहूंगा ? क्या मैं भी देवताओं की भांति अमर हूं ? नहीं, कदापि नहीं। लेकिन इससे यह अवश्य सिद्धि होता है कि वह इस समय है, सदैव से है, और सदैव रहेगा। यद्यपि मैं अभी इसका अनुभव नहीं कर रहा हूं, पर यह मुझमें विद्यमान है और मुझे उससे शंका न करनी चाहिए,