अलंकार - Alankar



तब उसने शुद्ध हृदय से यह परार्थना की-ऐ स्वर्ग के दूतो ! इस रक्त की बूंद को सावधानी से उठाओ और इसे परम पिता के सिंहासन के सम्मुख ले जाओ। ईश्वर की इस पवित्र भूमि पर, जहां यह रक्त बहा है, एक अलौकिक पुष्पवृक्ष उत्पन्न हो। उसमें स्वगीर्य सुगन्धयुक्त फूल लिखें और जिन पराणियों की दृष्टि उस पर पड़े और जिनकी नाक में उसकी सुगन्ध पहुंचे, उनके हृदय शुद्ध और उनके विचार पवित्र हो जायें। थायस परमपूज्य थायस ! तुझे धन्य है; आज तूने


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तब उसने शुद्ध हृदय से यह परार्थना की-ऐ स्वर्ग के दूतो ! इस रक्त की बूंद को सावधानी से उठाओ और इसे परम पिता के सिंहासन के सम्मुख ले जाओ। ईश्वर की इस पवित्र भूमि पर, जहां यह रक्त बहा है, एक अलौकिक पुष्पवृक्ष उत्पन्न हो। उसमें स्वगीर्य सुगन्धयुक्त फूल लिखें और जिन पराणियों की दृष्टि उस पर पड़े और जिनकी नाक में उसकी सुगन्ध पहुंचे, उनके हृदय शुद्ध और उनके विचार पवित्र हो जायें। थायस परमपूज्य थायस ! तुझे धन्य है; आज तूने


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