अलंकार - Alankar

चिल्लू से ताजा पानी पिया और ईश्वरीय विषय पर सम्भाषण करने लगे।

थायस बोली-'पूज्य पिता, मैंने आज तक कभी ऐसा निर्मल जल नहीं पिया, और न ऐसी पराणपरद स्वच्छ वायु में सांस लिया। मुझे ऐसा अनुभव हो रहा है कि इस समीकरण में ईश्वर की ज्योति परवाहित हो रही है।'

पापनाशी बोला-'पिरय बहन, देखो संध्या हो रही है। निशा की सूचना देने वाली श्यामला पहाड़ियों पर छाई हुई है। लेकिन शीघर ही मुझे ईश्वरीय ज्योति, ईश्वरीय उषा के सुनहरे परकाश में चमकती हुई दिखाई देगी,


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चिल्लू से ताजा पानी पिया और ईश्वरीय विषय पर सम्भाषण करने लगे।

थायस बोली-'पूज्य पिता, मैंने आज तक कभी ऐसा निर्मल जल नहीं पिया, और न ऐसी पराणपरद स्वच्छ वायु में सांस लिया। मुझे ऐसा अनुभव हो रहा है कि इस समीकरण में ईश्वर की ज्योति परवाहित हो रही है।'

पापनाशी बोला-'पिरय बहन, देखो संध्या हो रही है। निशा की सूचना देने वाली श्यामला पहाड़ियों पर छाई हुई है। लेकिन शीघर ही मुझे ईश्वरीय ज्योति, ईश्वरीय उषा के सुनहरे परकाश में चमकती हुई दिखाई देगी,


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