मसीह के अलौकिक कृत्यों पर अविश्वास और उनके नैतिक उपदेशों पर शंका है। यह उनके प्रायश्चित्त के तत्तव को नहीं मानती, उनके पवित्र आदेशों को स्वीकार नहीं करतीं।
प्रभु सेवक-मैंने इसे मसीह के आदेशों का उल्लंघन करते कभी नहीं देखा।
सोफ़िया-धार्मिक विषयों में मैं अपनी विवेक-बुध्दि के सिवा और किसी के आदेशों को नहीं मानती।
मिसेज़ सेवक-मैं तुझे अपनी संतान नहीं समझती, और तेरी सूरत नहीं देखना चाहती।
यह कहकर सोफ़िया के कमरे में धुस गईं,
मसीह के अलौकिक कृत्यों पर अविश्वास और उनके नैतिक उपदेशों पर शंका है। यह उनके प्रायश्चित्त के तत्तव को नहीं मानती, उनके पवित्र आदेशों को स्वीकार नहीं करतीं।
प्रभु सेवक-मैंने इसे मसीह के आदेशों का उल्लंघन करते कभी नहीं देखा।
सोफ़िया-धार्मिक विषयों में मैं अपनी विवेक-बुध्दि के सिवा और किसी के आदेशों को नहीं मानती।
मिसेज़ सेवक-मैं तुझे अपनी संतान नहीं समझती, और तेरी सूरत नहीं देखना चाहती।
यह कहकर सोफ़िया के कमरे में धुस गईं,