तो भी वहाँ किसी को चिंता न होगी, आराम से खा-पीकर सोएँगे। हाँ, दादा को अवश्य दु:ख होगा, वह भी केवल इसीलिए कि उन्हें बाइबिल पढ़कर सुनानेवाला कोई नहीं। मामा तो दिल में खुश होंगी की अच्छा हुआ, ऑंखों से दूर हो गई। मेरा किसी से परिचय नहीं। इसी से कहा, सबसे मिलते रहना चाहिए, न जाने कब किससे काम पड़ जाए। मुझे बरसों रहते हो गए और किसी से राह-रस्म न पैदा की। मेरे साथ नैनीताल में यहाँ के किसी रईस की लड़की पढ़ती थी, भला-सा नाम था। हाँ,
तो भी वहाँ किसी को चिंता न होगी, आराम से खा-पीकर सोएँगे। हाँ, दादा को अवश्य दु:ख होगा, वह भी केवल इसीलिए कि उन्हें बाइबिल पढ़कर सुनानेवाला कोई नहीं। मामा तो दिल में खुश होंगी की अच्छा हुआ, ऑंखों से दूर हो गई। मेरा किसी से परिचय नहीं। इसी से कहा, सबसे मिलते रहना चाहिए, न जाने कब किससे काम पड़ जाए। मुझे बरसों रहते हो गए और किसी से राह-रस्म न पैदा की। मेरे साथ नैनीताल में यहाँ के किसी रईस की लड़की पढ़ती थी, भला-सा नाम था। हाँ,