मि. जॉन सेवक-चुप भी रहो, तुम्हारी निर्दयता पर मुझे आश्चर्य होता है। मैंने तुम-जैसी कठोर हृदया स्त्री नहीं देखी।
मिसेज़ सेवक-मैं तो नहीं जाती। तुम्हें जाना हो, तो जाओ।
जॉन सेवक-मुझे तो देख रही हो, मरने की फुरसत नहीं है। उसी पाँड़ेपुरवाली जमीन के विषय में बातचीत कर रहा हूँ। ऐसे मूँजी से पाला पड़ा है कि किसी तरह चंगुल में नहीं आता। देहातियों को जो लोग सरल कहते हैं, बड़ी भूल करते हैं। इनसे ज्यादा चालाक आदमी मिलना मुश्किल है। तुम्हें इस वक्त कोई काम नहीं है,
मि. जॉन सेवक-चुप भी रहो, तुम्हारी निर्दयता पर मुझे आश्चर्य होता है। मैंने तुम-जैसी कठोर हृदया स्त्री नहीं देखी।
मिसेज़ सेवक-मैं तो नहीं जाती। तुम्हें जाना हो, तो जाओ।
जॉन सेवक-मुझे तो देख रही हो, मरने की फुरसत नहीं है। उसी पाँड़ेपुरवाली जमीन के विषय में बातचीत कर रहा हूँ। ऐसे मूँजी से पाला पड़ा है कि किसी तरह चंगुल में नहीं आता। देहातियों को जो लोग सरल कहते हैं, बड़ी भूल करते हैं। इनसे ज्यादा चालाक आदमी मिलना मुश्किल है। तुम्हें इस वक्त कोई काम नहीं है,