आज्ञा ले लो और घर चलो। पापा अकेले घबरा रहे होंगे।
सोफ़िया-वह तो तुमसे मिलने को बहुत उत्सुक थीं। कब की आ गई होतीं, पर कदाचित् हमारी बीच में बिना बुलाए आना अनुचित समझती होंगी।
प्रभु सेवक-मामा, अभी सोफी को यहाँ दो-चार दिन और आराम से पड़ी रहने दीजिए। अभी इसे उठने में कष्ट होगा। देखिए, कितनी दुर्बल हो गई है!
सोफ़िया-रानीजी भी यही कहती थीं कि अभी मैं तुम्हें जाने न दूँगी।
मिसेज़ सेवक-यह क्यों नहीं कहती कि तेरा ही जी
आज्ञा ले लो और घर चलो। पापा अकेले घबरा रहे होंगे।
सोफ़िया-वह तो तुमसे मिलने को बहुत उत्सुक थीं। कब की आ गई होतीं, पर कदाचित् हमारी बीच में बिना बुलाए आना अनुचित समझती होंगी।
प्रभु सेवक-मामा, अभी सोफी को यहाँ दो-चार दिन और आराम से पड़ी रहने दीजिए। अभी इसे उठने में कष्ट होगा। देखिए, कितनी दुर्बल हो गई है!
सोफ़िया-रानीजी भी यही कहती थीं कि अभी मैं तुम्हें जाने न दूँगी।
मिसेज़ सेवक-यह क्यों नहीं कहती कि तेरा ही जी