में बड़ी सावधानी से काम लिया है; बढ़ भले ही जाए, कम नहीं हो सकता।
कुँवर साहब-पहले ही साल 25 प्रति सैकड़े?
जॉन सेवक-जी हाँ, बड़ी आसानी से। आपसे मैं हिस्से लेने के लिए विनय करता, पर जब तक एक साल का लाभ दिखा न दूँ, आग्रह नहीं कर सकता। हाँ इतना अवश्य निवेदन करूँगा कि उस दशा में सम्भव है, हिस्से बराबर पर न मिल सकें। 100 रुपये के हिस्से शायद 200 रुपये पर मिलें।
कुँवर साहब-मुझे अब एक ही शंका और है। यदि इस व्यवसाय में इतना लाभ हो सकता है,
में बड़ी सावधानी से काम लिया है; बढ़ भले ही जाए, कम नहीं हो सकता।
कुँवर साहब-पहले ही साल 25 प्रति सैकड़े?
जॉन सेवक-जी हाँ, बड़ी आसानी से। आपसे मैं हिस्से लेने के लिए विनय करता, पर जब तक एक साल का लाभ दिखा न दूँ, आग्रह नहीं कर सकता। हाँ इतना अवश्य निवेदन करूँगा कि उस दशा में सम्भव है, हिस्से बराबर पर न मिल सकें। 100 रुपये के हिस्से शायद 200 रुपये पर मिलें।
कुँवर साहब-मुझे अब एक ही शंका और है। यदि इस व्यवसाय में इतना लाभ हो सकता है,