रंगभूमि - Rangbhumi

किंतु राजा साहब इनका प्रतिवाद करने में अपनी बुध्दि और समय का अपव्यय न करते थे। यशस्वी बनना उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य था। पर वह खूब जानते थे कि इस महान् पद पर पहुँचने के लिए सेवा-और नि:स्वार्थ सेवा-के सिवा और कोई मार्ग नहीं है।

प्रात:काल था। राजा साहब स्नान-धयान से निवृत्ता होकर नगर का निरीक्षण करने जा ही रहे थे कि इतने में मिस्टर जॉन सेवक का मुलाकाती कार्ड पहुँचा। जॉन सेवक का राज्याधिकारियों से ज्यादा मेल-जोल था,


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किंतु राजा साहब इनका प्रतिवाद करने में अपनी बुध्दि और समय का अपव्यय न करते थे। यशस्वी बनना उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य था। पर वह खूब जानते थे कि इस महान् पद पर पहुँचने के लिए सेवा-और नि:स्वार्थ सेवा-के सिवा और कोई मार्ग नहीं है।

प्रात:काल था। राजा साहब स्नान-धयान से निवृत्ता होकर नगर का निरीक्षण करने जा ही रहे थे कि इतने में मिस्टर जॉन सेवक का मुलाकाती कार्ड पहुँचा। जॉन सेवक का राज्याधिकारियों से ज्यादा मेल-जोल था,


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