न जाना ही अगर प्रभु मसीह का द्रोही बनना है, तो लीजिए आज से मैं भी गिरजे न जाऊँगा। निकाल दीजिए मुझे भी घर से।
मिसेज़ सेवक-(रोकर) तो यहाँ मेरा ही क्या रखा है। अगर मैं ही विष की गाँठ हूँ, तो मैं मुँह के कालिख लगाकर क्यों न निकल जाऊँ। तुम और सोफी आराम से रहो, मेरा भी खुदा मालिक है।
जॉन सेवक-प्रभु, तुम मेरे सामने अपनी माँ का निरादर नहीं कर सकते।
प्रभु सेवक-खुदा न करे, मैं अपनी माँ का निरादर करूँ। लेनिक मैं दिखावे के
न जाना ही अगर प्रभु मसीह का द्रोही बनना है, तो लीजिए आज से मैं भी गिरजे न जाऊँगा। निकाल दीजिए मुझे भी घर से।
मिसेज़ सेवक-(रोकर) तो यहाँ मेरा ही क्या रखा है। अगर मैं ही विष की गाँठ हूँ, तो मैं मुँह के कालिख लगाकर क्यों न निकल जाऊँ। तुम और सोफी आराम से रहो, मेरा भी खुदा मालिक है।
जॉन सेवक-प्रभु, तुम मेरे सामने अपनी माँ का निरादर नहीं कर सकते।
प्रभु सेवक-खुदा न करे, मैं अपनी माँ का निरादर करूँ। लेनिक मैं दिखावे के