रंगभूमि - Rangbhumi

सिंह स्त्रियों का बड़ा सम्मान करते थे। उनका अपमान होते देखकर तैश में आ जाते थे। रौद्र रूप धारण करके बोले-सब जनाने में घुस गए!

जॉन सेवक-किवाड़ तोड़ना चाहते थे, मगर चमारों ने धामकाया तो हट गए।

महेंद्रकुमार-कमीने! स्त्रियों पर अत्याचार करना चाहते थे!

जॉन सेवक-यही तो इस ड्रामा का सबसे लज्जास्पद अंश हैं।

महेंद्रकुमार-लज्जास्पद नहीं महाशय, घृणास्पद कहिए।

जॉन सेवक-अब यह बेचारे कहते हैं कि या तो मेरी इस्तीफा लीजिए,


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सिंह स्त्रियों का बड़ा सम्मान करते थे। उनका अपमान होते देखकर तैश में आ जाते थे। रौद्र रूप धारण करके बोले-सब जनाने में घुस गए!

जॉन सेवक-किवाड़ तोड़ना चाहते थे, मगर चमारों ने धामकाया तो हट गए।

महेंद्रकुमार-कमीने! स्त्रियों पर अत्याचार करना चाहते थे!

जॉन सेवक-यही तो इस ड्रामा का सबसे लज्जास्पद अंश हैं।

महेंद्रकुमार-लज्जास्पद नहीं महाशय, घृणास्पद कहिए।

जॉन सेवक-अब यह बेचारे कहते हैं कि या तो मेरी इस्तीफा लीजिए,


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