रंगभूमि - Rangbhumi



प्रभु सेवक-मुझे जाने में कोई आपत्ति नहीं; पर इस समय मुझे सोफी के पास जाना है।

जॉन सेवक-पाँड़ेपुर से लौटते हुए सोफी के पास बहुत आसानी से जा सकते हो।

प्रभु सेवक-मैं सोफी से मिलना ज्यादा जरूरी समझता हूँ।

जॉन सेवक-तुम्हारे रोज-रोज मिलने से क्या फायदा, जब तुम आज तक उसे घर लाने में सफल नहीं हो सके?

प्रभु सेवक के मुँह से ये शब्द निकलते-निकलते रह गए-मामा ने जो आग लगा दी है, वह मेरे बुझाए नहीं बुझ सकी। तुरंत अपने कमरे में आए,


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प्रभु सेवक-मुझे जाने में कोई आपत्ति नहीं; पर इस समय मुझे सोफी के पास जाना है।

जॉन सेवक-पाँड़ेपुर से लौटते हुए सोफी के पास बहुत आसानी से जा सकते हो।

प्रभु सेवक-मैं सोफी से मिलना ज्यादा जरूरी समझता हूँ।

जॉन सेवक-तुम्हारे रोज-रोज मिलने से क्या फायदा, जब तुम आज तक उसे घर लाने में सफल नहीं हो सके?

प्रभु सेवक के मुँह से ये शब्द निकलते-निकलते रह गए-मामा ने जो आग लगा दी है, वह मेरे बुझाए नहीं बुझ सकी। तुरंत अपने कमरे में आए,


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