रंगभूमि - Rangbhumi

अच्छी तरह हजम हो जाएगी। हाथ में आए हुए रुपये को नहीं लौटा सकता। उसने तो भीख ही माँगकर जमा किए हैं, गेहूँ तो नहीं तौला था।

जगधार-पुलिस सब खा जाएगी।

भैरों-सूरे पुलिस में न जाएगा। रो-धोकर चुप हो जाएगा।

जगधार-गरीब की हाय बड़ी जान-लेवा होती है।

भैरों-वह गरीब है! अंधा होने से ही गरीब हो गया? जो आदमी दूसरों की औरतों पर डोरे डाले, जिसके पास सैकड़ों रुपये जमा हों, जो दूसरों को रुपये उधार देता हो, वह गरीब है? गरीब जो कहो,


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अच्छी तरह हजम हो जाएगी। हाथ में आए हुए रुपये को नहीं लौटा सकता। उसने तो भीख ही माँगकर जमा किए हैं, गेहूँ तो नहीं तौला था।

जगधार-पुलिस सब खा जाएगी।

भैरों-सूरे पुलिस में न जाएगा। रो-धोकर चुप हो जाएगा।

जगधार-गरीब की हाय बड़ी जान-लेवा होती है।

भैरों-वह गरीब है! अंधा होने से ही गरीब हो गया? जो आदमी दूसरों की औरतों पर डोरे डाले, जिसके पास सैकड़ों रुपये जमा हों, जो दूसरों को रुपये उधार देता हो, वह गरीब है? गरीब जो कहो,


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