रंगभूमि - Rangbhumi



मिठुआ ने पूछा-दादा, अब हम रहेंगे कहाँ?

सूरदास-दूसरा घर बनाएँगे।

मिठुआ-और कोई फिर आग लगा दे?

सूरदास-तो फिर बनाएँगे।

मिठुआ-और फिर लगा दे?

सूरदास-तो हम भी फिर बनाएँगे।

मिठुआ-और कोई हजार बार लगा दे?

सूरदास-तो हम हजार बार बनाएँगे।

बालकों को संख्याओं से विशेष रुचि होती है। मिठुआ ने फिर पूछा-और जो कोई सौ लाख बार लगा दे?

सूरदास ने उसी बालोचित सरलता से उत्तर दिया-तो हम भी सौ लाख बार बनाएँगे।

जब वहाँ राख की चुटकी भी न रही,


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मिठुआ ने पूछा-दादा, अब हम रहेंगे कहाँ?

सूरदास-दूसरा घर बनाएँगे।

मिठुआ-और कोई फिर आग लगा दे?

सूरदास-तो फिर बनाएँगे।

मिठुआ-और फिर लगा दे?

सूरदास-तो हम भी फिर बनाएँगे।

मिठुआ-और कोई हजार बार लगा दे?

सूरदास-तो हम हजार बार बनाएँगे।

बालकों को संख्याओं से विशेष रुचि होती है। मिठुआ ने फिर पूछा-और जो कोई सौ लाख बार लगा दे?

सूरदास ने उसी बालोचित सरलता से उत्तर दिया-तो हम भी सौ लाख बार बनाएँगे।

जब वहाँ राख की चुटकी भी न रही,


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