पर जब लोग पहुँचे तो भेद फिटन के पास खुला। प्रभु सेवक बजरंगी से कह रहे थे-तुम्हारी शामत न आए, नहीं तो साहब तुम्हें तबाह कर देंगे। किसी काम के न रहोगे। तुम्हारी इतनी मजाल!
बजरंगी इसका जवाब देना ही चाहता था कि नायकराम ने आगे बढ़कर कहा-उस पर आप क्यों बिगड़ते हैं, फौजदारी मैंने की है, जो कहना हो, मुझसे कहिए।
प्रभु सेवक ने विस्मित होकर पूछा-तुम्हारा क्या नाम है?
नायकराम को कुछ तो राजा महेंद्रकुमार के आश्वासन, कुछ विजया
पर जब लोग पहुँचे तो भेद फिटन के पास खुला। प्रभु सेवक बजरंगी से कह रहे थे-तुम्हारी शामत न आए, नहीं तो साहब तुम्हें तबाह कर देंगे। किसी काम के न रहोगे। तुम्हारी इतनी मजाल!
बजरंगी इसका जवाब देना ही चाहता था कि नायकराम ने आगे बढ़कर कहा-उस पर आप क्यों बिगड़ते हैं, फौजदारी मैंने की है, जो कहना हो, मुझसे कहिए।
प्रभु सेवक ने विस्मित होकर पूछा-तुम्हारा क्या नाम है?
नायकराम को कुछ तो राजा महेंद्रकुमार के आश्वासन, कुछ विजया