मैं तुम्हारा गला घोंट दूँगी। तुमसे भिक्षा माँगती हूँ, विनय को अपने प्रेम-पाश में फँसाने की चेष्टा न करो, नहीं तो इसका फल बुरा होगा। तुम्हें ईश्वर ने बुध्दि दी है,विवेक दिया है। विवेक से काम लो। मेरे कुल का सर्वनाश न करो।
सोफी ने रोते हुए कहा-मुझे आज्ञा दीजिए, आज चली जाऊँ।
रानी कुछ नर्म होकर बोलीं-मैं तुम्हें जाने को नहीं कहती। तुम मेरे सिर और ऑंखों पर रहो, (लज्जित होकर) मेरे मुँह से इस समय जो कटु शब्द निकले हैं, उनके
मैं तुम्हारा गला घोंट दूँगी। तुमसे भिक्षा माँगती हूँ, विनय को अपने प्रेम-पाश में फँसाने की चेष्टा न करो, नहीं तो इसका फल बुरा होगा। तुम्हें ईश्वर ने बुध्दि दी है,विवेक दिया है। विवेक से काम लो। मेरे कुल का सर्वनाश न करो।
सोफी ने रोते हुए कहा-मुझे आज्ञा दीजिए, आज चली जाऊँ।
रानी कुछ नर्म होकर बोलीं-मैं तुम्हें जाने को नहीं कहती। तुम मेरे सिर और ऑंखों पर रहो, (लज्जित होकर) मेरे मुँह से इस समय जो कटु शब्द निकले हैं, उनके