पड़ती है। तुम्हारे नाम आया है न? तुमने लिफाफा खोला नहीं?
सोफ़िया-जी नहीं।
रानी ने प्रसन्न होकर कहा-मैं तुम्हें आज्ञा देती हूँ, पढ़ो। तुमने अपना वचन पालन किया, इससे मैं बहुत खुश हुई।
सोफ़िया-मुझे क्षमा कीजिए।
रानी-मैं खुशी से कहती हूँ, पढ़ो; देखो, क्या लिखते हैं?
सोफ़िया-जी नहीं।
रानी ने पत्र ज्यों-का-त्यों संदूक में बंद कर दिया। खुद भी नहीं पढ़ा। कारण, यह नीति-विरुध्द था। तब सोफ़िया से बोली-बेटी, अब मेरी तुमसे
पड़ती है। तुम्हारे नाम आया है न? तुमने लिफाफा खोला नहीं?
सोफ़िया-जी नहीं।
रानी ने प्रसन्न होकर कहा-मैं तुम्हें आज्ञा देती हूँ, पढ़ो। तुमने अपना वचन पालन किया, इससे मैं बहुत खुश हुई।
सोफ़िया-मुझे क्षमा कीजिए।
रानी-मैं खुशी से कहती हूँ, पढ़ो; देखो, क्या लिखते हैं?
सोफ़िया-जी नहीं।
रानी ने पत्र ज्यों-का-त्यों संदूक में बंद कर दिया। खुद भी नहीं पढ़ा। कारण, यह नीति-विरुध्द था। तब सोफ़िया से बोली-बेटी, अब मेरी तुमसे