कमिश्नर साहब ने रुखाई से पूछा-मैं पहले आपसे यह पूछना चाहता हूँ कि इस पत्र ने आपके विषय में जो आलोचना की है, वह आपकी नजर से गुजरी है?
राजा साहब-जी हाँ, देख चुका हूँ।
कमिश्नर-आप इसका कोई जवाब देना चाहते हैं?
राजा साहब-मैं इसकी कोई जरूरत नहीं समझता; अगर इतनी-सी बात पर मुझ पर अविश्वास किया जा सकता है और मेरी बरसों की वफादारी का कुछ विचार नहीं किया जाता, तो मुझे विवश होकर अपना पद-त्याग करना पड़ेगा। अगर आप वहाँ जाते,
कमिश्नर साहब ने रुखाई से पूछा-मैं पहले आपसे यह पूछना चाहता हूँ कि इस पत्र ने आपके विषय में जो आलोचना की है, वह आपकी नजर से गुजरी है?
राजा साहब-जी हाँ, देख चुका हूँ।
कमिश्नर-आप इसका कोई जवाब देना चाहते हैं?
राजा साहब-मैं इसकी कोई जरूरत नहीं समझता; अगर इतनी-सी बात पर मुझ पर अविश्वास किया जा सकता है और मेरी बरसों की वफादारी का कुछ विचार नहीं किया जाता, तो मुझे विवश होकर अपना पद-त्याग करना पड़ेगा। अगर आप वहाँ जाते,