हानि-लाभ की चिंता न करके हुक्काम का विरोध करें, सारे नगर में-सारे देश में-तहलका मचा दें, चाहे इसके लिए पद-त्याग ही नहीं, किसी बड़ी-से-बड़ी विपत्ति का सामना करना पड़े। मैं राजनीति के सिध्दांतों से परिचित नहीं हूँ। पर आपका जो मानवीय धर्म है, वह आपसे कह रही हूँ। मैं आपको सचेत किए देती हूँ कि आपने अगर हुक्काम के दबाव से सूरदास की जमीन ली, तो मैं चुपचाप बैठी न रह सकूँगी। स्त्री हूँ तो क्या; पर दिखा दूँगी कि सबल-से-सबल प्राणी
हानि-लाभ की चिंता न करके हुक्काम का विरोध करें, सारे नगर में-सारे देश में-तहलका मचा दें, चाहे इसके लिए पद-त्याग ही नहीं, किसी बड़ी-से-बड़ी विपत्ति का सामना करना पड़े। मैं राजनीति के सिध्दांतों से परिचित नहीं हूँ। पर आपका जो मानवीय धर्म है, वह आपसे कह रही हूँ। मैं आपको सचेत किए देती हूँ कि आपने अगर हुक्काम के दबाव से सूरदास की जमीन ली, तो मैं चुपचाप बैठी न रह सकूँगी। स्त्री हूँ तो क्या; पर दिखा दूँगी कि सबल-से-सबल प्राणी