जो राजबंदी हड़ताल में शामिल हो गए उन पर दंडों की भरमार होने लगी। आठ दिन हथकड़ी-बेड़ी, कोठरी बंदी आदि नियमांतर्गत दंड तो दिए ही गए, नियम विरूद्व दंड भी दिए गए। उपर्युक्त श्रीमान सदृश जो निर्भीकतापूर्वक व्यवहार करते, उनका घमंड चूर-चूर करने के लिए उन्हें दस-दस, बारह-बारह दिन कांजी के अतिरिक्त अन्य कुछ खाने के लिए नहीं दिया गया। परंतु इस आशा से कि इस तरह मात्र दो-तीन दिन बार दिए गए मांड़ पर रहकर उनकी शक्ति क्षीण हो जाएगी और मनोबल टूट जाएगा,
जो राजबंदी हड़ताल में शामिल हो गए उन पर दंडों की भरमार होने लगी। आठ दिन हथकड़ी-बेड़ी, कोठरी बंदी आदि नियमांतर्गत दंड तो दिए ही गए, नियम विरूद्व दंड भी दिए गए। उपर्युक्त श्रीमान सदृश जो निर्भीकतापूर्वक व्यवहार करते, उनका घमंड चूर-चूर करने के लिए उन्हें दस-दस, बारह-बारह दिन कांजी के अतिरिक्त अन्य कुछ खाने के लिए नहीं दिया गया। परंतु इस आशा से कि इस तरह मात्र दो-तीन दिन बार दिए गए मांड़ पर रहकर उनकी शक्ति क्षीण हो जाएगी और मनोबल टूट जाएगा,