मेरा आजीवन कारावास - Mera Aajivan Karavas

और रस्सी बटने का काम दिया गया।¹ यह काम कारागृह के अन्य शारीरिक कार्याे से अधिक सहज था और इसीलिए वह मिलना अहोभाग्य असमझा जाता। कुछ दिनों के अभ्यास से रस्सा बटने का काम आने लगा और ऐसा प्रतीत हुआ, अल्प मात्रा में ही क्यों न हो, शारीरिक यातनाओं के चंगुल से तो मुक्ति मिली। इसी समय मुझे जिस सात नंबर की चाली में बंद रखा गया था उसमें निरूपाय हो चार राजबंदियों को रहने की अनुमति दी गई। हां, इसलिए कि अनय कोई चारा नहीं था, क्यांेकि


567 of 2228

और रस्सी बटने का काम दिया गया।¹ यह काम कारागृह के अन्य शारीरिक कार्याे से अधिक सहज था और इसीलिए वह मिलना अहोभाग्य असमझा जाता। कुछ दिनों के अभ्यास से रस्सा बटने का काम आने लगा और ऐसा प्रतीत हुआ, अल्प मात्रा में ही क्यों न हो, शारीरिक यातनाओं के चंगुल से तो मुक्ति मिली। इसी समय मुझे जिस सात नंबर की चाली में बंद रखा गया था उसमें निरूपाय हो चार राजबंदियों को रहने की अनुमति दी गई। हां, इसलिए कि अनय कोई चारा नहीं था, क्यांेकि


567 of 2228