से प्रीति की तुष्टि होती है तो प्रतिकूल समाचार से भुजाओं में भक्ति तथा धैर्य का स्फुरण होता है और उस प्रतिकूल की चपेट से प्रेम को मुक्त करने हेतु अपने प्राणों की आहुति देने के लिए भी वीरता सज्ज होती है। आगे इस बात के कुछ उदाहरण आएंगे कि इस तरह के प्रतिकूल समाचार बारी साहब किस तरह देते और दिलवाते। स्पष्टीकरण हेतु यहां एक ही उदाहरण पर्याप्त है। विख्यात देशभक्त गोखले के स्वर्गवासी होने का समाचार जब मैं शाम का भोजन कर रहा
से प्रीति की तुष्टि होती है तो प्रतिकूल समाचार से भुजाओं में भक्ति तथा धैर्य का स्फुरण होता है और उस प्रतिकूल की चपेट से प्रेम को मुक्त करने हेतु अपने प्राणों की आहुति देने के लिए भी वीरता सज्ज होती है। आगे इस बात के कुछ उदाहरण आएंगे कि इस तरह के प्रतिकूल समाचार बारी साहब किस तरह देते और दिलवाते। स्पष्टीकरण हेतु यहां एक ही उदाहरण पर्याप्त है। विख्यात देशभक्त गोखले के स्वर्गवासी होने का समाचार जब मैं शाम का भोजन कर रहा