था-सावरकर बाबू! सवरकर बाबू! मंैने ऊपर देखा तो दृष्टि मिलते ही उस राजबंदी ने दुतल्ली इमारत की खिड़की पर लटकते हुए बताया कि बंगाल का विभाजन स्थगित हो गया।
सुनकर भी मैं इस समाचार पर विश्वास नहीं कर सका। पुनः पूछज्ञ, ‘‘क्या कहा? बंगाल का विभाजन? ज्ींज ेमजजसमक ंिबज पे नदेमजजसमक?’’ वह हंस पड़ा। बोला,‘‘हां,हां।’’ मैंने कहा, ‘‘राजबंदियों की मुक्ति की तरह कहीं यह भी भविष्य कथन तो नहीं कर रहे हो? ’’ मेरे मित्र ने कहा, ‘‘बिलकुल नहीं,
था-सावरकर बाबू! सवरकर बाबू! मंैने ऊपर देखा तो दृष्टि मिलते ही उस राजबंदी ने दुतल्ली इमारत की खिड़की पर लटकते हुए बताया कि बंगाल का विभाजन स्थगित हो गया।
सुनकर भी मैं इस समाचार पर विश्वास नहीं कर सका। पुनः पूछज्ञ, ‘‘क्या कहा? बंगाल का विभाजन? ज्ींज ेमजजसमक ंिबज पे नदेमजजसमक?’’ वह हंस पड़ा। बोला,‘‘हां,हां।’’ मैंने कहा, ‘‘राजबंदियों की मुक्ति की तरह कहीं यह भी भविष्य कथन तो नहीं कर रहे हो? ’’ मेरे मित्र ने कहा, ‘‘बिलकुल नहीं,