यह सब सुनते-सुनते बारी को इस तरह हड़बड़ाहट होने लगी कि ‘तोबा तेरी छाछ से, इन कुत्तों से छुड़ा।’
एक दिन बारी ने अपने नित्य के मुंहफट स्वभाव के अनुसार ऐसे ही एक
राजबंदी से हिंदी में कहा, ‘‘तुम हिंदुस्थानी लोग हमारे गुलाम हो।’’ यह समझकर कि अन्य बंदियों को यह ज्ञात हुआ होगा कि वह राजबंदियों को किस तरह खीरा-ककड़ी समझता है, साहब ठहाके लगा ही रहे थे कि उन्हें हिंदी में ही उत्तर मिला, ‘‘हां, हम हिंदुस्थानी लोग अंग्रेजो के गुलाम हैं,
यह सब सुनते-सुनते बारी को इस तरह हड़बड़ाहट होने लगी कि ‘तोबा तेरी छाछ से, इन कुत्तों से छुड़ा।’
एक दिन बारी ने अपने नित्य के मुंहफट स्वभाव के अनुसार ऐसे ही एक
राजबंदी से हिंदी में कहा, ‘‘तुम हिंदुस्थानी लोग हमारे गुलाम हो।’’ यह समझकर कि अन्य बंदियों को यह ज्ञात हुआ होगा कि वह राजबंदियों को किस तरह खीरा-ककड़ी समझता है, साहब ठहाके लगा ही रहे थे कि उन्हें हिंदी में ही उत्तर मिला, ‘‘हां, हम हिंदुस्थानी लोग अंग्रेजो के गुलाम हैं,