कारागृह का अनुशासन तथा सरकारी दबदबा अनेक छोटे-मोटे प्रसंगों और बिगड़े हुए राजबंदियों के आंदोलन से डांवांडोल हो गया। एक बंेत बरसाना छोड़कर प्रायः शेष सभी दंड दो-दो बार देकर अधिकारी थक गए, परंतु कोई भी काम को हाथ नहीं लगाता था। कोड़े बरसाने की धमकियां रोज दी ही जाती थी, परंतु किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगती। अंत में चीफ कमिश्नर ने बारी और सुपरिंटेंडेंट द्वारा यह बातचीत चलाई कि हम आपको हलके काम पर लगाएंगे, काम नकारने के
कारागृह का अनुशासन तथा सरकारी दबदबा अनेक छोटे-मोटे प्रसंगों और बिगड़े हुए राजबंदियों के आंदोलन से डांवांडोल हो गया। एक बंेत बरसाना छोड़कर प्रायः शेष सभी दंड दो-दो बार देकर अधिकारी थक गए, परंतु कोई भी काम को हाथ नहीं लगाता था। कोड़े बरसाने की धमकियां रोज दी ही जाती थी, परंतु किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगती। अंत में चीफ कमिश्नर ने बारी और सुपरिंटेंडेंट द्वारा यह बातचीत चलाई कि हम आपको हलके काम पर लगाएंगे, काम नकारने के