उसे करने में वे कभी नहीं चूकेंगे। अभी तो केवल साधारण प्रतिवाद और प्रतिकार ही कर रहे हैं, परंतु यदि असाधारण दंड दिए गए और लहू बहा तो लहू बहाने में भी वे आगा-पीछा नहीं देखेंगे।’’
मैं यह नहीं कहता कि क्या होना चाहिए, मैं तो यह कह रहा हूं कि क्या होना संभव है। बारी ने स्मित किया। वे चले तो गए, पर मन-ही-मन चैंके बिना नहीं रहे। उधर बेंतों के लिए तिपाही खड़ी की गई। कुछ दंगा-फसाद खड़ा न हो इसलिए हमंे कोठरियों मेें बंद किया गया।
उसे करने में वे कभी नहीं चूकेंगे। अभी तो केवल साधारण प्रतिवाद और प्रतिकार ही कर रहे हैं, परंतु यदि असाधारण दंड दिए गए और लहू बहा तो लहू बहाने में भी वे आगा-पीछा नहीं देखेंगे।’’
मैं यह नहीं कहता कि क्या होना चाहिए, मैं तो यह कह रहा हूं कि क्या होना संभव है। बारी ने स्मित किया। वे चले तो गए, पर मन-ही-मन चैंके बिना नहीं रहे। उधर बेंतों के लिए तिपाही खड़ी की गई। कुछ दंगा-फसाद खड़ा न हो इसलिए हमंे कोठरियों मेें बंद किया गया।