स्वीकारना मै। अधर्म समझता हूं। वे भी यही सोचते थे, सोचते भी होंगे।
सर: बिल्कुल नहीं। आप गलत सोच रहे हैं। वे अभी तक वही रण-गर्जना कर रहे हैं और आपका नाम ले रहे हैं। हिंदुस्थान में हों अथवा अमेरिका में, आपके लोग आज भी उसी आपराधिक आंदोलन में व्यस्त हैं।
मैं: यह समाचार आप दे रहे हैं, इसीलिए मुझे ज्ञात हो रहा है। मेरा नाम कोई ले रहा है या नहीं, इसे भला मैं कैसे रोक सकता हूं? वे मुझे अपना नेता मान रहे हैं, इसीलिए क्या आप
स्वीकारना मै। अधर्म समझता हूं। वे भी यही सोचते थे, सोचते भी होंगे।
सर: बिल्कुल नहीं। आप गलत सोच रहे हैं। वे अभी तक वही रण-गर्जना कर रहे हैं और आपका नाम ले रहे हैं। हिंदुस्थान में हों अथवा अमेरिका में, आपके लोग आज भी उसी आपराधिक आंदोलन में व्यस्त हैं।
मैं: यह समाचार आप दे रहे हैं, इसीलिए मुझे ज्ञात हो रहा है। मेरा नाम कोई ले रहा है या नहीं, इसे भला मैं कैसे रोक सकता हूं? वे मुझे अपना नेता मान रहे हैं, इसीलिए क्या आप