ओ. रमा की तरफ बढ़ा दिया। रमा ने लिफाफा खोलकर देखा और एकाएक उसको फाड़कर पुर्जे-पुर्जे कर डाला ब तीनों आदमी विस्मय से उसका मुंह ताकने लगे ।
दारोग़ा ने कहा, 'रात बहुत पी गए थे क्या? आपके हक में अच्छा न होगा!'
इंस्पेक्टर, 'हलफ से कहता हूं, कमिश्नर साहब को मालूम हो जायगा, तो बहुत नाराज होंगे।'
डिप्टी, 'इसका कुछ मतलब हमारे समझ में नहीं आया ।इसका क्या मतलब है?'
रमानाथ-'इसका यह मतलब है कि मुझे इस डी. ओ. की जरूरत नहीं
ओ. रमा की तरफ बढ़ा दिया। रमा ने लिफाफा खोलकर देखा और एकाएक उसको फाड़कर पुर्जे-पुर्जे कर डाला ब तीनों आदमी विस्मय से उसका मुंह ताकने लगे ।
दारोग़ा ने कहा, 'रात बहुत पी गए थे क्या? आपके हक में अच्छा न होगा!'
इंस्पेक्टर, 'हलफ से कहता हूं, कमिश्नर साहब को मालूम हो जायगा, तो बहुत नाराज होंगे।'
डिप्टी, 'इसका कुछ मतलब हमारे समझ में नहीं आया ।इसका क्या मतलब है?'
रमानाथ-'इसका यह मतलब है कि मुझे इस डी. ओ. की जरूरत नहीं