है । उसके मिज़ाज़ की तेज़ी गायब हो गई। विवश होकर बोला, 'आख़िर आप लोग मुझसे क्या चाहते हैं? '
इंस्पेक्टर ने दारोग़ा की ओर देखकर आंखें मारीं, मानो कह रहे हों, 'आ गया पंजे में', और बोले, 'बस इतना ही कि आप हमारे मेहमान बने रहें, और मुकदमे के हाईकोर्ट में तय हो जाने के बाद यहां से रूख़सत हो जाएं । क्योंकि उसके बाद हम आपकी हिफाज़त के ज़िम्मेदार न होंगे। अगर आप कोई सर्टिफिकेट लेना चाहेंगे, तो वह दे दी जाएगी, लेकिन उसे लेने
है । उसके मिज़ाज़ की तेज़ी गायब हो गई। विवश होकर बोला, 'आख़िर आप लोग मुझसे क्या चाहते हैं? '
इंस्पेक्टर ने दारोग़ा की ओर देखकर आंखें मारीं, मानो कह रहे हों, 'आ गया पंजे में', और बोले, 'बस इतना ही कि आप हमारे मेहमान बने रहें, और मुकदमे के हाईकोर्ट में तय हो जाने के बाद यहां से रूख़सत हो जाएं । क्योंकि उसके बाद हम आपकी हिफाज़त के ज़िम्मेदार न होंगे। अगर आप कोई सर्टिफिकेट लेना चाहेंगे, तो वह दे दी जाएगी, लेकिन उसे लेने