या न लेने का आपको पूरा अख्तियार है। अगर आप होशियार हैं, तो उसे लेकर फायदा उठाएंगे, नहीं इधरउधर के धक्के खाएंगे। आपके ऊपर गुनाह बेलज्ज़त की मसल सादिक आयगी। इसके सिवा हम आपसे और कुछ नहीं चाहते ब हलफ से कहता हूं, हर एक चीज़ जिसकी आपको ख्वाहिश हो, यहां हाज़िर कर दी जाएगी, लेकिन जब तक मुकदमा खत्म हो जाए, आप आज़ाद नहीं हो सकते ।
रमानाथ ने दीनता के साथ पूछा, 'सैर करने तो जा सकूंगा, या वह भी नहीं?'
इंस्पेक्टर ने सूत्र रूप से कहा, 'जी नहीं! '
या न लेने का आपको पूरा अख्तियार है। अगर आप होशियार हैं, तो उसे लेकर फायदा उठाएंगे, नहीं इधरउधर के धक्के खाएंगे। आपके ऊपर गुनाह बेलज्ज़त की मसल सादिक आयगी। इसके सिवा हम आपसे और कुछ नहीं चाहते ब हलफ से कहता हूं, हर एक चीज़ जिसकी आपको ख्वाहिश हो, यहां हाज़िर कर दी जाएगी, लेकिन जब तक मुकदमा खत्म हो जाए, आप आज़ाद नहीं हो सकते ।
रमानाथ ने दीनता के साथ पूछा, 'सैर करने तो जा सकूंगा, या वह भी नहीं?'
इंस्पेक्टर ने सूत्र रूप से कहा, 'जी नहीं! '