रमानाथ-' भाईजान नाराज़ न होना।' रमा ने कुछ तुर्श होकर कहा, 'इस वक्त तो रहने दीजिए, दारोग़ाजी, आप तो पिए हुए नजर आते हैं।'
दारोग़ा ने ज़ोहरा का हाथ पकड़कर कहा, 'बस, एक जाम ज़ोहरा -' और एक बात और, आज मेरी मेहमानी कबूल करो! '
रमा ने तेवर बदलकर कहा, 'दारोग़ाजी, आप इस वक्त यहां से जायं। मैं यह गवारा नहीं कर सकता दारोग़ा ने नशीली आंखों से देखकर कहा, 'क्या आपने पट्टा लिखा लिया है? '
रमा ने कड़ककर कहा, 'जी हां, मैंने पट्टा लिखा लिया है!'
रमानाथ-' भाईजान नाराज़ न होना।' रमा ने कुछ तुर्श होकर कहा, 'इस वक्त तो रहने दीजिए, दारोग़ाजी, आप तो पिए हुए नजर आते हैं।'
दारोग़ा ने ज़ोहरा का हाथ पकड़कर कहा, 'बस, एक जाम ज़ोहरा -' और एक बात और, आज मेरी मेहमानी कबूल करो! '
रमा ने तेवर बदलकर कहा, 'दारोग़ाजी, आप इस वक्त यहां से जायं। मैं यह गवारा नहीं कर सकता दारोग़ा ने नशीली आंखों से देखकर कहा, 'क्या आपने पट्टा लिखा लिया है? '
रमा ने कड़ककर कहा, 'जी हां, मैंने पट्टा लिखा लिया है!'