ज़ोहरा ने कहा, 'मैं जाती हूं!'
रमा ने लजाते हुए कहा,'जाने को तो मैं तैयार हूं, लेकिन वहां तक पहुंच भी सकूंगा, इसमें संदेह है। कितना तोड़ है!'
ज़ोहरा ने एक कदम पानी में रखकर कहा,'नहीं, मैं अभी निकाल लाती हूं।'
वह कमर तक पानी में चली गई। रमा ने सशंक होकर कहा,'क्यों नाहक जान देने जाती हो वहां शायद एक गड्ढा है। मैं तो जा ही रहा था।'
ज़ोहरा ने हाथों से मना करते हुए कहा, 'नहीं-नहीं, तुम्हें मेरी कसम, तुम न आना। मैं अभी लिये आती हूं। मुझे तैरना आता है।'
ज़ोहरा ने कहा, 'मैं जाती हूं!'
रमा ने लजाते हुए कहा,'जाने को तो मैं तैयार हूं, लेकिन वहां तक पहुंच भी सकूंगा, इसमें संदेह है। कितना तोड़ है!'
ज़ोहरा ने एक कदम पानी में रखकर कहा,'नहीं, मैं अभी निकाल लाती हूं।'
वह कमर तक पानी में चली गई। रमा ने सशंक होकर कहा,'क्यों नाहक जान देने जाती हो वहां शायद एक गड्ढा है। मैं तो जा ही रहा था।'
ज़ोहरा ने हाथों से मना करते हुए कहा, 'नहीं-नहीं, तुम्हें मेरी कसम, तुम न आना। मैं अभी लिये आती हूं। मुझे तैरना आता है।'