गबन - Gaban


रतन ने विस्मय में पड़कर कहा, 'गंगा में! कुछ पागल तो नहीं हो गई हो चलो, घर लौट चलो। बेग रखकर फिर आ जाना।'

जालपा ने दृढ़ता से कहा,नहीं रतन-' मैं इन चीजों को डुबाकर ही जाऊंगी।'

रतन-'आखिर क्यों? '

जालपा-'पहले कार को बढ़ाओ, फिर बताऊं।'

रतन-'नहीं, पहले बता दो।'

जालपा-'नहीं, यह न होगा। पहले कार को बढ़ाओ।'

रतन ने हारकर कार को बढ़ाया और बोली, 'अच्छा अब तो बताओगी? '

जालपा ने उलाहने के भाव से कहा, 'इतनी बात तो तुम्हें


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रतन ने विस्मय में पड़कर कहा, 'गंगा में! कुछ पागल तो नहीं हो गई हो चलो, घर लौट चलो। बेग रखकर फिर आ जाना।'

जालपा ने दृढ़ता से कहा,नहीं रतन-' मैं इन चीजों को डुबाकर ही जाऊंगी।'

रतन-'आखिर क्यों? '

जालपा-'पहले कार को बढ़ाओ, फिर बताऊं।'

रतन-'नहीं, पहले बता दो।'

जालपा-'नहीं, यह न होगा। पहले कार को बढ़ाओ।'

रतन ने हारकर कार को बढ़ाया और बोली, 'अच्छा अब तो बताओगी? '

जालपा ने उलाहने के भाव से कहा, 'इतनी बात तो तुम्हें


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