गबन - Gaban

देखी है। दो सौ-ढाई सौ से किसी महीने में कम नहीं है। मेरी सलाह है कि वह सब ज्यों-का-त्यों बना रहे।'

रतन ने प्रसन्न होकर कहा, हां, और क्या! '

मणिभूषण-'तो गांव की आमदनी तो धार्मार्थ पर अर्पण कर दी जाए। मकानों का किराया कोई दो सौ रूपये महीना है। इससे उनके नाम पर एक छोटीसी संस्कृत पाठशाला खोल दी जाए।

रतन-'बहुत अच्छा होगा।'

मणिभूषण-'और यह बंगला बेच दिया जाए। इस रूपये को बैंक में रख दिया जाय।'

रतन-'बहुत अच्छा होगा। मुझे रूपये-पैसे की अब क्या जरूरत है।'


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देखी है। दो सौ-ढाई सौ से किसी महीने में कम नहीं है। मेरी सलाह है कि वह सब ज्यों-का-त्यों बना रहे।'

रतन ने प्रसन्न होकर कहा, हां, और क्या! '

मणिभूषण-'तो गांव की आमदनी तो धार्मार्थ पर अर्पण कर दी जाए। मकानों का किराया कोई दो सौ रूपये महीना है। इससे उनके नाम पर एक छोटीसी संस्कृत पाठशाला खोल दी जाए।

रतन-'बहुत अच्छा होगा।'

मणिभूषण-'और यह बंगला बेच दिया जाए। इस रूपये को बैंक में रख दिया जाय।'

रतन-'बहुत अच्छा होगा। मुझे रूपये-पैसे की अब क्या जरूरत है।'


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