'मामला कुछ संगीन है,क्या कुछ शराब का चस्का पड़ गया था? '
'मुझसे कसम ले लीजिए, जो कभी शराब मुंह से लगाई हो।'
कांस्टेबल ने विनोद करके कहा,मुहब्बत के बाज़ार में लुट गए होंगे, हुजूर।'
रमा ने मुस्कराकर कहा, 'मुझसे फाकेमस्तों का वहां कहां गुजर?'
दारोग़ा -'तो क्या जुआ खेल डाला? या, बीवी के लिए जेवर बनवा डाले!'
रमा झेंपकर रह गया। अपराधी मुस्कराहट उसके मुख पर रो पड़ी।
दारोग़ा-'अच्छी बात है, तुम्हें भी यहां खासे मोटे जेवर मिल जायंगे!'
'मामला कुछ संगीन है,क्या कुछ शराब का चस्का पड़ गया था? '
'मुझसे कसम ले लीजिए, जो कभी शराब मुंह से लगाई हो।'
कांस्टेबल ने विनोद करके कहा,मुहब्बत के बाज़ार में लुट गए होंगे, हुजूर।'
रमा ने मुस्कराकर कहा, 'मुझसे फाकेमस्तों का वहां कहां गुजर?'
दारोग़ा -'तो क्या जुआ खेल डाला? या, बीवी के लिए जेवर बनवा डाले!'
रमा झेंपकर रह गया। अपराधी मुस्कराहट उसके मुख पर रो पड़ी।
दारोग़ा-'अच्छी बात है, तुम्हें भी यहां खासे मोटे जेवर मिल जायंगे!'